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Guest

Mr. Anil Yadav

Pradesh Adhyaksh

Doorast B.T.C. Shikshak Sangh

Uttar Pradesh

प्रिय संघर्शशील मित्रो ,........दूरस्थ बी टी सी शिक्षक संघ का निर्माण १७२००० शिक्षामित्रों को उनके त्याग और तपस्या के आधार पर पूर्ण शिक्षक का अधिकार दिलाने के लिए किया गया है | हम आभारी है इस इलेक्ट्रॉनिक युग में आपकी लड़ाई अंजाम तक पूछने के उपशिक्षामित्र.कॉम ने महती भूमिका अदा कर रहा है | संघठन और साईट निरंतर आपकी सफलता के लिए प्रत्यनशील है ..हमें खेद है की हमारे कठिन प्रयास के बाबजूद दूसरे बैच के शिक्षामित्र शिक्षक के रूप में समायोजित नहीं हो सके है ....लेकिन मुझे विश्वास है अब वो दिन दूर नहीं जब हम सभी अन्याय पूर्ण शिक्षामित्र व्यवस्था से आजाद होकर पूर्ण शिक्षक होंगे .....जब तक हमारे शरीर में एक भी रक्त का कण है हम आप सभी के लिए संघर्ष करते रहेंगे .....और प्रत्येक शिक्षामित्र को शिक्षक के रूप में समायोजित करा कर ही दम लेंगे ....हम किसी भी तरह आलोचनाओं से घबराने वाले नहीं हैं ..हम आशा करते है संघठन के द्वारा यदि किसी स्तर पर यदि कोई त्रुटि हो तो अपना सुझाव जरूर दे | ........जय शिक्षक जय शिक्षामित्र ...अनिल कुमार यादव .प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय दूरस्थ बी टी सी शिक्षक संघ

 

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-22 05:22:52

रोज एसएमएस से बतानी होगी छात्रों की हाजिरी अमर उजाला ब्यूरो संभल। सरकारी स्कूलों में बच्चों की कम होती उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग कुछ गंभीर दिख रहा है। प्राथमिक व जूनियर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को हर दिन विभागीय अधिकारियों को एसएमएस के जरिए बच्चों की उपस्थिति बतानी होगी। इसके लिए बाकायदा सरकार हर साल उन्हें एक हजार रुपये मोबाइल भत्ता देगी। सरकार की इस योजना से बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की उपस्थिति रोजाना चेक करेगा। शिक्षकों को एसएमएस के जरिए रोजाना की उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके लिए विभाग जल्द ही एसएमएस का नंबर शुरू करेगा। शिक्षकों के मोबाइल फोन का नंबर जिला सूचना एवं विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से लिंक किया जाएगा। स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम से कम 70 प्रतिशत हो। इसे जांचने के लिए यह योजना चलाई जाएगी। इसमें बच्चों का नाम, माता पिता का नाम, रोल नंबर आदि दर्ज रहेगा। शासन इसके जरिए समाजवादी पेंशन के लाभार्थियों के बच्चों पर भी नजर रख सकेगी। ताकि पता चल सके कि उनके बच्चे रोज स्कूल आते हैं या नहीं। शिक्षक बच्चे का रोल नंबर व कक्षा लिखकर एनआईसी के नंबर पर एसएमएस करेंगे। शिक्षकों को एमएमएस भेजने के लिए अपनी जेब से धन न खर्च करनी पड़े, इसलिए उन्हें एक हजार रुपये वार्षिक भत्ता दिया जाएगा। इस भत्ते को शिक्षक एसएमएस भेजने में खर्च करेंगे। शिक्षकों को अपने मोबाइल नंबर जून माह तक एनआईसी में दर्ज कराने होंगे। परिषदीय शिक्षकों को मिलेगा एक हजार रुपये मोबाइल भत्ता शिक्षकों से उनके मोबाइल नंबरों की सूची मांगी जा रही है। जिन्हें एनआईसी में दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल शिक्षकों को मोबाइल भत्ता मिलने का आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-22 05:07:47

नगर क्षेत्र के शिक्षा मित्र वहीं बनेंगे शिक्षक अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ। नगर क्षेत्र के शिक्षा मित्रों को नगर क्षेत्र में ही सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जाएगा। इसके लिए पूर्व निर्धारित नीति का पालन किया जाएगा। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को तय समय में समायोजन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूसरे चरण में दूरस्थ शिक्षा से बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 91,104 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने की प्रक्रिया 30 अप्रैल तक पूरी कर लेनी है। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि शिक्षा मित्रों के समायोजन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षा मित्रों को ग्रामीण क्षेत्र और नगरीय क्षेत्र को नगरीय क्षेत्र में समायोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश के करीब 15 जिले ऐसे हैं जहां रिक्त पद से अधिक शिक्षा मित्र हैं। इसलिए ऐसे जिलों में यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रमोशन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाए, जिससे अधिक से अधिक शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा सके।

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-21 22:18:54

स्कूलों में बच्चों को मिलेगा नाश्ता 20 लाख रुपये से अधिक एक महीने में खर्च होंगे अमर उजाला ब्यूरो चंदौसी। सरकारी स्कूलों में बच्चों को अभी दोपहर में भोजन दिया जाता है, लेकिन अब एक प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसमें सुबह का नाश्ता देने की तैयारी है। जिले में बच्चों की संख्या का सर्वेक्षण कर लिया गया है। जिले में 2,36,000 स्कूली बच्चे प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में हैं। इसमें करीब एक लाख बीस हजार बच्चे एक दिन में उपस्थित होते हैं। शासन ने प्रत्येक जिले से बच्चों की संख्या का आकलन मांगा था जो संभल जिले से भी भेजा जा चुका है। राज्य सरकार इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेज रही है। प्रस्ताव के मुताबिक सत्पाह में दो दिन नाश्ता दिया जाना है। संभल जिले में बच्चों को नाश्ते के तौर पर रामदाना और चना परमल दिए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। यदि एक बच्चे को नाश्ता देने में 2 रुपये भी खर्च होते हैं तो जान लीजिए कि एक लाख बीस हजार बच्चों को नाश्ता देने पर एक दिन में 2.40 लाख रुपये एक दिन खर्च में होंगे। यानि एक सप्ताह में करीब पांच लाख और महीने में बीस लाख रुपये नाश्ता देने पर व्यय हो सकता है। यदि केंद्र सरकार इसके सापेक्ष बजट आवंटित करती है तो नाश्ता देने की योजना का संचालन हो सकेगा। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के जिला समन्वयक डीडी शर्मा ने बताया कि स्कूल खुलने पर नाश्ता देने पर विचार चल रहा है लेकिन यह योजना तभी क्रियान्वित हो सकेगी जब केंद्र सरकार की मंजूरी मिल सकेगी। कुछ जनपदों में नाश्ते के तौर पर पारले जी बिस्कुट, उबले चने, दूध आदि दिए जाने का प्रस्ताव है। स्कूल खुलते ही नाश्ता और दोपहर में भोजन देने का प्रस्ताव माध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने मांगा था प्रस्ताव सप्ताह में दो दिन नाश्ता देने का प्रयोग करेगा शिक्षा विभाग

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-21 06:07:38

प्रमोशन बिना शिक्षामित्रों का समायोजन कठिन इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में काम कर रहे 92 हजार शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के पद तैनाती अधर में फंस सकती है। शासन की ओर से बार-बार निर्देश के बाद भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्राथमिक विद्यालयों कार्यरत सहायक अध्यापकों का प्रमोशन नहीं होने से विद्यालयों में शिक्षामित्रों का समायोजन अधर में फंस जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में पहले से कार्यरत सहायक अध्यापकों के प्रमोशन की प्रक्रिया लंबे अर्से से ठप होने के कारण शिक्षामित्रों के समायोजन में परेशानी हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण प्राथमिक शिक्षकों का प्रमोशन ठप पड़ा है। इस कारण से शिक्षामित्रों की तैनाती फंस सकती है। प्रदेश सरकार की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए 30 अप्रैल की तिथि नियत की है। आलम यह है कि पूरे प्रदेश में प्रमोशन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली नहीं हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से समय से प्रमोशन प्रक्रिया पूरी नहीं करने 92 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन की राह कठिन हो गई है। शिक्षामित्र संघ इलाहाबाद के मीडिया प्रभारी संतोष शुक्ल का कहना है कि इलाहाबाद जिले में 1758 शिक्षामित्रों का समायोजन होना है जबकि जिले में एक हजार से अधिक पद खाली नहीं हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में सहायक अध्यापकों की पदोन्नति नहीं होने से फंसेगी तैनाती

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-21 05:48:13

कई बीएसए भ्रष्टाचार में शामिल : राम गोविंद अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी है। प्रदेश के कई बेसिक शिक्षा अधिकारियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हो रही है। इन अधिकारियों को पूर्व में भी चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बाद भी इनके कार्य में अभी तक सुधार नहीं आया है। उन्होंने कहा है कि बीएसए कार्यप्रणाली सुधार ले तो परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई सुधर जाएगी। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा की प्रगति खराब मिलने वाले जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में मौजूदा समय 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती व 91,104 शिक्षा मित्रों को समायोजित कर सहायक अध्यापक बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती और शिक्षा मित्रों के समायोजन में कई जिलों में मनमानी की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा है कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कई बार कार्यप्रणाली में सुधार लाने का निर्देश दिया जा चुका है। इसलिए एक बार फिर चेतावनी दी जा रही है कि वे अपनी कार्यप्रणाली सुधार लें। शैक्षिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है। सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्कूलों में शिक्षक गायब मिलेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा- कार्यप्रणाली न सुधरी तो होगी कार्रवाई

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-20 06:55:57

बेसिक स्कूलों में बनेगा बच्चों का प्रोफाइल अमर उजाला ब्यूरो संभल। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे का प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। प्रोफाइल में मां पिता की फोटो के साथ उनके शैक्षिक स्तर और बच्चे के भाई बहन का भी ब्योरा होगा। प्रोफाइल बनाने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में पांच रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से धनराशि भी आवंटित कर दी गई है। अब गुरुजी को विद्यार्थियों के साथ साथ उसके परिवार का रिकार्ड भी स्कूल में रखना होगा। राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा ने डायट प्राचार्य, बीएसए, जिला समन्वयक प्रशिक्षण, खंड शिक्षाधिकारी, ब्लाक संसाधन केंद्र सह समन्वयक, और न्याय पंचायत संसाधन केंद्र समन्वयक को इस काम की मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। धनराशि आवंटित सतेंद्र कुमार ढाका बेसिक शिक्षा अधिकारी संभल कहते हैं कि शिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रोफाइल तैयार करने के लिए आदेश दे दिए गए हैं। इसके लिए विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में धनराशि भी आवंटित कर दीहै।

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Rajendra Yadav | Zila Adhyaksh @ 2015-04-20 06:52:44

Giid morning all sm /at...

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-19 07:42:45

प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को अब तीन साल में मिलेगी पदोन्नति सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किया आदेश अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को अब तीन साल में पदोन्नति मिल जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने शनिवार को इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए। कुछ दिनों पहले ही पांच वर्ष के बजाय चार वर्ष में पदोन्नति का निर्णय लिया गया था। लेकिन अब इसे घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए किया गया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि जिन शिक्षकों का शिक्षण अनुभव तीन वर्ष हो चुका है और उस जिले में रिक्तियां उपलब्ध हैं तो ऐसे शिक्षकों को दो वर्ष की छूट प्रदान करते हुए पदोन्नति की कार्यवाही की जाए। दरअसल, प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति पांच वर्ष के बाद ही होती थी। लेकिन बीती 26 मार्च को ही सचिव ने एक वर्ष की छूट देने का आदेश जारी किया था। एक वर्ष की छूट देने पर ज्यादा शिक्षक इस दायरे में नहीं आ रहे थे। इसलिए अनुभव में छूट दो वर्ष की कर दी गई है। इससे जिलों में सहायक अध्यापकों के और अधिक पद खाली हो जाएंगे। इसमें शिक्षा मित्रों का समायोजन किया जाएगा। चूंकि दूसरे चरण में 91104 शिक्षा मित्रों का समायोजन होना है। इसमें सहायक अध्यापद पद की तुलना में 22 हजार शिक्षा मित्र अधिक हैं। इसलिए सरकार पदोन्नति कर सहायक अध्यापक के पद खाली करवा रही है। सचिव ने यह भी आदेश दिए हैं कि पदोन्नति की कार्यवाही पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए। जिनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही हो, उन्हें किसी भी कीमत पर प्रमोशन न दिया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के प्रावधानों के अनुसार चयन समिति के जरिए पदोन्नति करने को कहा है। •शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए सरकार का फैसला •कुछ दिनों पहले ही चार वर्ष में पदोन्नति का लिया गया था निर्णय

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Ravindra Khari Sambhal | Zila Adhyaksh @ 2015-04-19 07:14:45

प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को अब तीन साल में मिलेगी पदोन्नति सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किया आदेश अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को अब तीन साल में पदोन्नति मिल जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने शनिवार को इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए। कुछ दिनों पहले ही पांच वर्ष के बजाय चार वर्ष में पदोन्नति का निर्णय लिया गया था। लेकिन अब इसे घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए किया गया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि जिन शिक्षकों का शिक्षण अनुभव तीन वर्ष हो चुका है और उस जिले में रिक्तियां उपलब्ध हैं तो ऐसे शिक्षकों को दो वर्ष की छूट प्रदान करते हुए पदोन्नति की कार्यवाही की जाए। दरअसल, प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति पांच वर्ष के बाद ही होती थी। लेकिन बीती 26 मार्च को ही सचिव ने एक वर्ष की छूट देने का आदेश जारी किया था। एक वर्ष की छूट देने पर ज्यादा शिक्षक इस दायरे में नहीं आ रहे थे। इसलिए अनुभव में छूट दो वर्ष की कर दी गई है। इससे जिलों में सहायक अध्यापकों के और अधिक पद खाली हो जाएंगे। इसमें शिक्षा मित्रों का समायोजन किया जाएगा। चूंकि दूसरे चरण में 91104 शिक्षा मित्रों का समायोजन होना है। इसमें सहायक अध्यापद पद की तुलना में 22 हजार शिक्षा मित्र अधिक हैं। इसलिए सरकार पदोन्नति कर सहायक अध्यापक के पद खाली करवा रही है। सचिव ने यह भी आदेश दिए हैं कि पदोन्नति की कार्यवाही पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए। जिनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही हो, उन्हें किसी भी कीमत पर प्रमोशन न दिया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के प्रावधानों के अनुसार चयन समिति के जरिए पदोन्नति करने को कहा है। •शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए सरकार का फैसला •कुछ दिनों पहले ही चार वर्ष में पदोन्नति का लिया गया था निर्णय

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BRIJESH YADAV | Zila Adhyaksh @ 2015-04-18 10:36:56

खाद्य निरीक्षक मिड-डे-मील देखेंगे संभल। परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे-मील भोजन का रखे जाने वाला सेंपल का खाद्य निरीक्षक समय समय पर निरीक्षण करेंगे। गुणवत्ता की रिपोर्ट बीएसए कार्यालय व टास्क फोर्स की बैठक में प्रस्तुत करनी होगी। बेसिक शिक्षा सचिव ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं। मिड-डे-मील योजना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिक योजनाओं में से एक है। जिसमें परिषदीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं को पका पकाया भोजना दिया जाता है। आए दिन मिड-डे-मील योजना में खामियां मिलती रहती हैं। कहीं भोजन मीनू के अनुसार नहीं बनता है तो कहीं पर खाने में गुणवत्ता नहीं मिल पाती है। काफी कोशिशों के बाद भी इन खामियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा सचिव व राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान प्रदेश के जिलाधिकारियों व जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को जनपद में कार्यरत खाद्य निरीक्षकों को समय समय पर स्कूलों में जाकर मिड-डे-मील के सेंपल का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।

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